84 के सिख दंगा पीड़ित (कानपुर) के परिवारों को शीघ्र मिले न्याय उ°प्र°सरकार तत्काल गठित कर एस आईटी ।।

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लखनऊ ।। 1984 में सिख दंगों में मारे गए कानपुर के 127 परिवारों को तत्काल न्याय की मांग की अखिल भारतीय दंगा पीड़ित राहत कमेटी के प्रधान कुलदीप सिंह भोगल ने बताया कि नरसंहार के मामले में एक जनहित याचिका दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से माननीय उच्चतम न्यायालय में 3 साल पहले डाली गई थी जिस में हमने मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने अथवा एसआईटी का गठन किए जाने की न्यायालय से प्रार्थना की थी इससे पहले आरटीआई के माध्यम से 127 लोगों के नरसंहार के कुल 32 दोषियों के नाम सामने आए थे लेकिन उन गुनाहगारों के खिलाफ जो भी सबूत कानपुर के विभिन्न थानों में थे इसमें से अधिकांश के रिकॉर्ड गायब कर दिए गए जो एक गंभीर विषय था फिर हमें सुप्रीम कोर्ट का सहारा लेना पड़ा डेढ़ साल पहले माननीय उच्च न्यायालय में केंद्र व प्रदेश सरकार को हलफनामा दाखिल करने को कहा था केंद्र सरकार ने अपनी ओर से रिपोर्ट भेज दी थी और उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि आप एसआईटी का गठन करें इस पर केंद्र को कोई आपत्ति नहीं लेकिन डेढ़ साल साल बीत जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार ने ना ही एसआईटी का गठन किया और ना ही हलफनामा दाखिल किया हमने दिल्ली सिख नरसंहार में बनी एसआईटी वाले केस से इस मामले को अलग करा कर एक अलग एसआईटी के माध्यम से इसकी जांच की बात कही ताकि संबंधित मामले में शीघ्र न्याय हो सके प्रशासनिक तौर पर लगभग 127 लोगों के हताहत होने की रिपोर्ट प्रशासन ने दी थी वैसे लगभग 84 के दंगे में ढाई हजार के करीब कानपुर में लोग हताहत हुए थे गृह मंत्री जी की सहमति के बाद भी राज्य सरकार ने एसआईटी गठित नहीं की ।कुलदीप सिंह भोगल ने बताया कि 127 परिवारों को हर साल दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा ₹11000 की सहायता राशि हम देते हैं । गवाह गवाही देने को तैयार बैठे हैं हिरन को मारने पर सजा मिल गई लेकिन 127 नागरिकों के मारे जाने पर इतने वर्षों बाद भी किसी को कोई सजा नहीं हुई हमें मुआवजा नहीं इंसाफ चाहिए विधानसभा में निंदा प्रस्ताव आए और राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल रिपोर्ट भेजें यह हमारी मांग है तथा गवाहों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए श्री भोगल ने कहा कि यदि तत्काल एसआईटी गठित नहीं की जाती है और मामले की जांच नहीं होती है तो ऐसा तो नहीं कि जो दोषी तब कांग्रेस में थे वह आज बीजेपी में हो इसलिए उन्हें बचाया जा रहा है प्रदेश सरकार में सिख समुदाय के मंत्री बलदेव सिंह औलख की खामोशी पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए श्री भोगल ने कहा कि जिस वाहेगुरु की कृपा से आज ओलक प्रदेश सरकार में मंत्री हैं और सिख समुदाय का प्रतिनिधित्व करने का दंभ भरते हैं लेकिन सिखों के न्याय के लिए उन्होंने आज तक कोई आवाज नहीं उठाई व प्रदेश में गूगे मंत्री मंत्री के तौर शोभाए मान है सिख समुदाय राजीव व इंदिरा की मूर्तियों व चित्रों पर पूरे देश में कालिख पोत कर विरोध दर्ज करेगा

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